मधुमक्खी पालन कर शहद का व्यापार शुरू करे, कम लागत में लाखो कमाए !
शहद का व्यापार शुरू करे कमाए लाखो रुपए सालाना !
एक डिब्बे मधुमक्खी से प्राप्त होने वाले 50 किलो शहद को अक्सर 100 रु. प्रति किलो के हिसाब से बेचा जाता है. अतः प्रत्येक डिब्बे से आपको रू 5,000 प्राप्त होते हैं. बड़े पैमाने पर इस व्यापार को करने से प्रति महीने 1 लाख 15 हज़ार रूपए तक का लाभ प्राप्त हो सकता है. इसके अलावा शहद एवं मोम के अतिरिक्त अन्य पदार्थ, जैसे गोंद (प्रोपोलिस, रायल जेली, डंक-विष) भी प्राप्त होते है। विदेशों में कई डॉलर मे इनकी बिक्री की जाती है। मधुमक्खी से प्राप्त होने वाला मोम काफी उच्च कीमतों पर बिकता हैं।
कैसे शुरू करे व्यापार
शुरूआती दौर में पांच कलोनी (पांच बाक्स) से शुरू कर सकते है एक बॉक्स में लगभग में चार हजार रुपए का खर्चा आता है तो अगर आप पांच ऐसे बॉक्स लेंगे तो बीस हजार रुपए का खर्चा आता है। इनकी संख्या को बढ़ाने के लिए समय समय पर इनका विभाजन कर सकते हैं। अगर ठीक से विभाजन से कर लिया तो एक साल में 20000 हजार बक्से तैयार किए जा सकते हैं। दिल्ली में नेशनल बी बोर्ड से प्रमाणित संस्थाएं है उनसे आप मधुमक्खियों को खरीद सकते है। उद्यान विभाग से भी ले सकते है। कृषि विज्ञान केंद्र से भी मधुमक्खी ले सकते है।
मधुमक्खी पालन का समय
मधुमक्खी पालन का समय आमतौर पर नवम्बर के महीने से आरंभ होता है. अतः इस माह से पहले ही आपको मधुमक्खी पालन की सभी व्यवस्था कर लेनी चाहिए. आपको यदि डिब्बे खरीदने में पैसे बचाने हो तो आप यह डिब्बे नवम्बर माह से पहले ही ख़रीद लें.
सरकार से प्राप्त मदद
इस व्यापार के लिए भारत सरकार का एमएसएमई विभाग आपकी मदद करता है. इस मंत्रालय के खादी एंड विलेज इंडस्ट्री कमीशन के तहत कई योजनाए चलती है, जिनके अंतर्गत मधुमक्खी पालन व्यवसाय को प्रोत्साहित किया जाता है.
मधुमक्खियों की संख्या
एक डिब्बे में कुल 3 प्रकार की मधुमक्खियाँ रखी जाती है. इन तीन प्रकार की मधुमक्खियों में रानी मधुमक्खी, नर मधुमक्खी और श्रमिक मधुमक्खी शामिल होती हैं. एक डिब्बे में श्रमिक मधुमक्खी की संख्या 30,000 से 1 लाख तक की होती है. इसमें नर मधुमक्खी की संख्या 100 के आस पास की होती है. इसमें रानी मधुमक्खी की संख्या केवल 1 होती है.
मधुमक्खियों की आयु
विभिन्न श्रेणी के मधुमक्खियों की आयु विभिन्न होती है. रानी मधुमक्खी की आयु 1 वर्ष की, नर मधुमक्खी की आयु 6 महीने और श्रमिक मधुमक्खी की आयु लगभग डेढ़ महीने की होती है.
दुष्यन्त चौधरी (बी कीपर राष्ट्रीय अध्यक्ष) दुष्यन्त चौधरी जी ने हमे फोन पर बात करते हुए बताया की मोदी जी ने बहुत अच्छा कहा की लोकल से वोकल बने और बहुत अच्छी बात है इसे चलने में काफी समय लगेगा लोकल स्तर पर जिन लोगो के पुस्तैनी काम थे ,
वे लोग शहर चले गए थे लेकिन अब गांव में लौटे है तो समय तो लगना ही है लेकिन मोदी सरकार ने जो ५०० करोड़ का बजट मौन पलकों को दिया है मेरा तो सरकार से ये ही अनुरोध है, ५ व ६ वर्षो से बहुत ज्यादा समयस्या आ रही है जिसका उचित मूल्य किसानो को नहीं मिल रहा है, तथा बाजारों में तमाम ब्रांडिड कंपनी का नकली शहद बिक रहा है, यदि बिकिपिंग डवलपमेंट कमेटी की रिपोर्ट बनी है यदि सरकार लागू कर दे तो मौन पालको का कल्याण हो जाएगा , शहद का अच्छा दाम मिलेगा !
किसान समूह डेस्क
मोहित कुमार सैनी
मेरठ


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